खुशियों की दूसरी कड़ी
दूसरी बार फिर सजी महफ़िल हमारी,
यारों की टोली, हँसी की सवारी।
आज की किट्टी में कुछ खास बात रही,
देवेन्द्र और मृदुल की जोड़ी पर सबसे तेज़ नजर रही!
बना है माहौल, तालियों की बौछार,
जीत के इस पल ने भर दिया है प्यार।
ना कोई स्पर्धा, ना कोई होड़,
बस मुस्कुराहटों से सजे ये मोड़ ।
और यही तो है ज़िंदगी का असली रंग,
कई झंझटों के बावजूद जब मिल जाए उमंग।
काम, जिम्मेदारियाँ, उलझनें सब हैं सही,
पर इन पलों में ही तो मिलती है असली खुशी।
जिन्होंने आज इस रंग में रंगने से क़दम हटाया,
हमने दिल से आपको यादों में बसाया।
अगली बार जरूर आइए, संग चलिए,
इस दोस्ती की गाड़ी में फिर से जुड़िए।
क्योंकि ये किट्टी है सिर्फ़ खाने की बात नहीं,
ये है रिश्तों की मिठास, जो हर मुलाक़ात में बसी रही।
दोनों महानुभावों को जीत की बधाई,
बाकियों से बस एक विनती – जोर से बजाओ सब के सब ताली ।।
Anil Kumar Dhyani
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