पहली किट्टी की बात
आज की दोपहर कुछ खास हो गई,
बातों ही बातों में मुलाक़ात हो गई।
ना शोर था, ना कोई दिखावा,
बस अपनों का साथ, और मन का बहाव था।
ना चाय की चुस्कियाँ, ना किसी प्यास का सवाल,
फिर भी दिलों में घुला मीठा-सा हाल।
कभी हँसी, कभी यादों की पोटली खुली,
जैसे बरसों की दोस्ती आज पहली बार मिली।
सफेद मुस्कानों में छुपे रंग कई,
हर चेहरे पर था सुकून, थकान कहीं नहीं।
काम, ज़िम्मेदारियाँ, सब पीछे छूट गए,
जब यार मिले, तो पल भी जश्न बन गए।
ना ताश, ना तकरार, बस थोड़ी बातचीत,
हर लफ़्ज़ में दिखी दोस्ती की प्रीत।
पहली किट्टी थी, पर लगी बहुत पुरानी,
जैसे रिश्तों की जुबां को मिल गई नई कहानी।
Date:13 April -2025
Anil Kumar Dhyani
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